Word
कई बार हम गुस्से में, दुख में या हताशा में कुछ ऐसे शब्द कह जाते हैं जिनका असर सामने वाले पर तो पड़ता ही है, लेकिन असल में सबसे गहरा असर हमारे खुद के जीवन पर होता है। हम यह समझ नहीं पाते कि हमारे शब्द सिर्फ हवा में उड़ते हुए शब्द नहीं होते — वे ऊर्जा की तरंगे होती हैं, वाइब्रेशन होती हैं, जो ब्रह्मांड में फैलती हैं और फिर हमें ही किसी न किसी रूप में वापस लौटती हैं।
हमारे पूर्वजों ने कहा था — “बोल, बोल अमोल है, बिन तोले मत बोल, पहले तू भीतर तोल, फिर बाहर तू बोल।” इसका अर्थ केवल इतना नहीं है कि हमें सोच-समझकर बोलना चाहिए, बल्कि इसका मतलब है कि हमारे शब्दों में इतनी शक्ति होती है कि वे जीवन की दिशा बदल सकते हैं। आज विज्ञान भी मान चुका है कि हर शब्द एक कंपन (vibration) पैदा करता है और वह कंपन हमारे आसपास की ऊर्जा को प्रभावित करता है। यही कारण है कि हमें सदैव सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि यही शब्द हमारे आने वाले समय को गढ़ते हैं। /Word
जब हम किसी से गुस्से में बोलते हैं, या खुद को कोसते हैं — जैसे “मेरे बस का नहीं”, “मेरे साथ हमेशा बुरा होता है”, “मुझे कुछ नहीं आता” — तो हम दरअसल अपने ही दिमाग और ब्रह्मांड को ये संकेत दे रहे होते हैं कि हमें वैसा ही अनुभव कराना है। ब्रह्मांड सुनता है, और हमें वही लौटाता है। वहीं जब हम कहते हैं, “मैं कर सकता हूँ”, “सब अच्छा होगा”, “मेरे जीवन में खुशियाँ आ रही हैं”, तब भी वही ब्रह्मांड हमें उसी अनुसार हालात और अवसर भेजता है।
हमारा मन जैसा सोचता है, वैसा ही बोलता है, और जैसा हम बोलते हैं, वैसा ही कर्म भी करते हैं। इसलिए सबसे पहली ज़रूरत है अपने विचारों पर नियंत्रण पाने की, क्योंकि वही हमारे शब्दों का स्रोत हैं। अगर मन में शांति होगी, तो शब्दों में भी मधुरता होगी। लेकिन अगर मन अशांत है, भ्रमित है, नकारात्मकता से भरा है, तो हमारे शब्द भी वैसे ही निकलेंगे — और फिर उनका असर भी वैसा ही होगा।
कभी आपने सोचा है कि क्यों आध्यात्मिक गुरु, साधु-संत, या अच्छे शिक्षक बहुत कम और सधे हुए शब्दों में बात करते हैं? क्योंकि उन्हें पता होता है कि हर शब्द एक बीज है, जो बोया जाएगा और फल देगा। अगर बीज अच्छा होगा, तो फल भी मीठा होगा। यही कारण है कि हमारे ग्रंथों में भी वाणी पर संयम को सबसे बड़ा तप कहा गया है।
हमारे ऋषि-मुनियों ने भी वाणी को ‘सरस्वती’ का स्वरूप माना है — और सरस्वती ज्ञान की देवी हैं, न कि शोर की। इसलिए बोली में संतुलन, मर्यादा और शांति होनी चाहिए। यही वजह है कि मंत्रों का उच्चारण विशेष तरीके से, विशेष स्वर में किया जाता है — क्योंकि उनमें शब्द नहीं, ऊर्जा होती है। /Word
आज के समय में जब हर कोई सोशल मीडिया पर, फोन पर, ऑफिस में, दोस्तों में कुछ न कुछ कह रहा है — वहाँ ज़रूरत है कि हम खुद को थोड़ा रोकें, थोड़ा तोलें, फिर बोलें। बोलना शक्ति है, लेकिन यह शक्ति तभी उपयोगी है जब उसका सही दिशा में प्रयोग किया जाए। वरना यही शक्ति विनाश भी कर सकती है — रिश्तों का, आत्मविश्वास का, और यहाँ तक कि हमारे भविष्य का भी।
अगर आप रोज़ सुबह उठकर सिर्फ इतना बोलें — “आज का दिन शुभ है”, “मुझे जीवन से प्रेम है”, “मैं आभारी हूँ”, “मैं कर सकता हूँ” — तो यकीन मानिए आपकी ज़िंदगी का रुख बदलने लगेगा। यह सिर्फ आत्म-संवाद नहीं है, यह ब्रह्मांड को दिया गया एक स्पष्ट सिग्नल है, कि आप किस ऊर्जा के साथ जीना चाहते हैं। और ब्रह्मांड आपकी बात को अनसुना नहीं करता।
हममें से कई लोग कहते हैं कि हमने तो कभी किसी को बुरा नहीं किया, फिर हमारे साथ बुरा क्यों होता है। लेकिन क्या आपने कभी खुद से पूछा कि आपने अपने बारे में क्या-क्या कहा है? क्या आपने कभी खुद को तुच्छ, कमजोर, निकम्मा, बदनसीब कहा है? अगर हाँ, तो शायद वही आपके जीवन में उतर आया। क्योंकि आपके शब्द ही आपकी वास्तविकता बनते हैं।
इसलिए अब समय आ गया है कि हम इस शक्ति को पहचानें — जो हमारे पास पहले से है। हमें अपने विचारों को सुंदर बनाना होगा, ताकि हमारे शब्द भी सुंदर हों। हमें खुद से, दूसरों से, और जीवन से सकारात्मक संवाद करना होगा। चाहे बात बच्चों से हो, माता-पिता से, या किसी अजनबी से — शब्दों में प्रेम, आदर और विश्वास होना चाहिए। क्योंकि वही शब्द उनके दिल तक नहीं, ब्रह्मांड तक पहुँचते हैं।
हर दिन एक अवसर है — अच्छा बोलने का, अच्छा सोचने का, और अच्छा जीने का। आइए, आज से ही ठान लें कि हम अपनी वाणी को तप की तरह लेंगे, और शब्दों से सिर्फ प्रेम, आशा, प्रेरणा और विश्वास फैलाएंगे। जो कुछ भी बोलें, वो न सिर्फ सत्य हो, बल्कि सकारात्मक प्रभाव भी दे। क्योंकि शब्द खत्म हो सकते हैं, लेकिन उनका असर सालों तक जीवित रहता है।
/Word /Word
Read Now 👉 कुंडली भाग्य नहीं, दिशा दिखाती है।
Read Now 👉 “शादी वो रिश्ता है जहां ‘मैं’ नहीं, सिर्फ ‘हम’ होता है”
यदि आप कोई भी पूजा करवाना चाहते हो या अपनी कुंडली के बारे में जानना चाहते हो या अपनी कुंडली के हिसाब से कोई पूजा करवाना चाहते हो तो आप हमारे Astrologer (Astro Ronak Shukla) से संपंर्क कर सकते हो। संपर्क करने के लिए यहाँ क्लीक करे 👉 Click Here
Disclaimer:
हमने आपको ऊपर जो भी बात बताई है या जो भी लिखा है उसका उदेश्य किसी की भावनाओ को ठेस पहुँचाना नहीं है।
हमने आपको ऊपर जो भी बात बताई है या जो भी लिखा है उसका उदेश्य किसी को सुनाना नहीं है।
हमने जो कुछ भी बताया उसको बस दिल से लिखा है ताकि आपको हमारी बात पसंद आए।