ज़िंदगी || Unpredictable
हम सभी अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी ऐसी स्थिति में फँसते हैं जहाँ एक नया काम शुरू करने से पहले ही मन में डर, शंका और अनगिनत सवाल पैदा हो जाते हैं। मन हमसे पूछता है—
“क्या मैं ये कर पाऊँगा?”
“कितनी मेहनत लगेगी?”
“अगर फेल हो गया तो?”
“ये काम मेरे बस का है भी या नहीं?”
इन सवालों का दबाव इतना बढ़ जाता है कि काम शुरू होने से पहले ही भारी लगने लगता है। हम सोचते हैं कि इसमें बहुत टाइम जाएगा, बहुत मेहनत लगेगी और शायद हम कर ही नहीं पाएँगे। लेकिन ज़िंदगी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यहाँ सामने आता है—
जैसे ही हम हिम्मत करके उस काम की शुरुआत करते हैं, वही काम अचानक आसान लगने लगता है।
कभी-कभी तो इतना आसान कि मिनटों या घंटों में पूरा हो जाता है, जबकि हमें लगा था कि दिन लगेंगे।
और फिर हमारे दिमाग में एक ही सवाल उठता है—
“यार ये इतना आसान कैसे हो गया?”
क्या सच में ज़िंदगी अनप्रेडिक्टेबल है? हाँ, पर वजह गहरी है
ज़िंदगी predictable इसलिए नहीं है क्योंकि हम नतीजे देखकर डर जाते हैं, लेकिन शुरुआत करके देखो—रास्ते खुद बनने लगते हैं।
हमारी सोच हमेशा काम को बड़ा करके दिखाती है, लेकिन असल में काम उतना बड़ा होता ही नहीं।
ज़िंदगी unpredictable इसलिए लगती है क्योंकि:
- हमारी सोच हमें सबसे ज़्यादा डराती है
काम शुरू नहीं हुआ होता, पर दिमाग पहले ही worst-case scenario में चला जाता है—
लोग क्या कहेंगे
अगर फेल हो गए तो
कहीं मेहनत बेकार न चली जाए
ये बहुत मुश्किल है
लेकिन सच्चाई यह है कि 90% डर शुरू करने से पहले होता है, न कि काम के दौरान।
- पहला कदम सबसे भारी होता है
पहला कदम उठाना, मन को मनाना और शुरुआत करना ही सबसे मुश्किल होता है।
लेकिन एक बार शुरुआत हो गई, तो काम खुद आसान लगता है क्योंकि:
अब हम action mode में होते हैं
दिमाग अब problem नहीं, समाधान ढूँढता है
शरीर और मन काम के flow में आ जाते हैं
डर की जगह clarity आ जाती है
यही कारण है कि वही काम, जिसे शुरू करने में डर लगता था, बाद में आराम से पूरा हो जाता है।
- कोशिश करने से energy shift होती है
जब हम किसी काम को शुरू करने की ठान लेते हैं, तो हमारी energy बदलती है।
इसी energy की वजह से:
ideas मिलने लगते हैं
solutions दिखने लगते हैं
काम आसान लगने लगता है
इसे कुछ लोग law of action कहते हैं—
Universe भी तभी रास्ता दिखाता है जब आप चलना शुरू करते हो।
- ज़िंदगी हमेशा reward देती है—action लेने वाले को
ज़िंदगी unpredictable है, लेकिन उसमें एक बात 100% predictable है—
जो कोशिश करता है, वो कुछ न कुछ पा ही लेता है।
कभी सीधा नतीजा, कभी अनुभव, कभी नया रास्ता, कभी एक नई सीख।
लेकिन जो कोशिश ही नहीं करता, उसके लिए कुछ भी नहीं बदलता।
यही है ज़िंदगी का असली पहलू
काम कभी मुश्किल नहीं होता,
मुश्किल होता है बस शुरुआत करना।
डर काम में नहीं होता,
डर हमारे दिमाग में होता है।
रास्ता पहले नहीं दिखता,
रास्ता चलते-चलते बनता है।
ज़िंदगी unpredictable इसलिए लगती है क्योंकि
हम नतीजे की चिंता करते हैं, शुरुआत की नहीं।
जब आप वह पहला कदम उठाते हो, तो पूरा सिस्टम—आपका मन, शरीर, परिस्थितियाँ, और कभी-कभी खुद यूनिवर्स—आपके पक्ष में काम करने लगता है।
अंत में… एक चीज़ याद रखो
ज़िंदगी मुश्किल नहीं है,
हमारा डर उसे मुश्किल बनाता है।
लेकिन जैसे ही आप कदम बढ़ाते हो,
ज़िंदगी आपको दिखा देती है कि
सब कुछ उतना कठिन नहीं था जितना आपने सोचा था।
बस शुरुआत करो—
बाकी ज़िंदगी खुद संभाल लेगी।
Read Now 👉 “काबिल हो? तो फिर रुके क्यों हो!” || Start Now
Read Now 👉 वैदिक ज्योतिष और लाल किताब में अंतर || Difference Between Vedic or Lal Kitab
Read Now 👉 कुंडली भाग्य नहीं, दिशा दिखाती है।
Read Now 👉 “शादी वो रिश्ता है जहां ‘मैं’ नहीं, सिर्फ ‘हम’ होता है”
यदि आप कोई भी पूजा करवाना चाहते हो या अपनी कुंडली के बारे में जानना चाहते हो या अपनी कुंडली के हिसाब से कोई पूजा करवाना चाहते हो तो आप हमारे Astrologer (Astro Ronak Shukla) से संपंर्क कर सकते हो। संपर्क करने के लिए यहाँ क्लीक करे 👉 Click Here
Disclaimer:
हमने आपको ऊपर जो भी बात बताई है या जो भी लिखा है उसका उदेश्य किसी की भावनाओ को ठेस पहुँचाना नहीं है।
हमने आपको ऊपर जो भी बात बताई है या जो भी लिखा है उसका उदेश्य किसी को सुनाना नहीं है।
हमने जो कुछ भी बताया उसको बस दिल से लिखा है ताकि आपको हमारी बात पसंद आए।